कूचबिहार: जिले में पहुंचने पर राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कहा कि कोई भी उनसे पंचायत चुनाव हिंसा की शिकायत कर सकता है। वे सभी की शिकायतों को सुनेंगे और उस पर उचित कार्रवाई करेंगे। इस बयान के बाद उनसे शिकायतों करने वाले लोगों को तांता लगा रहा।
इस दौरान सीपीएम और कांग्रेस के प्रतिनिधियों को पुलिस की लाठियां भी खानी पड़ीं। वे लोग गवर्नर की कार के पीछे भागे लेकिन राज्यपाल से बात नहीं हो सकी। वहीं, दोनों विपक्षी दलों के दो-दो प्रतिनिधियों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।
उन्होंने दावा किया कि गवर्नर उनकी बात सुन रहे थे लेकिन जैसे ही उन्होंने सत्ता पक्ष के खिलाफ बोलना शुरू किया तो पुलिस ने उन्हें धक्का देकर भगा दिया। शनिवार सुबह बीजेपी, सीपीएम और कांग्रेस के प्रतिनिधि कूचबिहार के सर्किट हाउस में राज्यपाल से मिलने पहुंचे थे।
प्रत्येक ने सत्तारूढ़ दल पर पंचायत चुनाव से पहले हिंसा का आरोप लगाया। इसके बाद राज्यपाल दिनहाटा के लिए रवाना हो गये। सीपीएम जिला कमेटी सदस्य शुभ्रलोक दास उसी रास्ते पर राज्यपाल का इंतजार कर रहे थे। उनके साथ कांग्रेस के प्रतिनिधि भी थे। लेफ्ट और कांग्रेस समर्थक दोनों पार्टियों के झंडे लेकर पीछे खड़े थे।
शुभ्रा की बात सुनने के लिए गवर्नर बोस की कार रुकी। शुभ्रा ने राज्यपाल से सत्ता पक्ष की शिकायत शुरू की लेकिन अचानक एक पुलिस अधिकारी ने उन्हें धक्का दे दिया। इसके बाद राज्यपाल का काफिला निकल गया।
बताया जा रहा है कि सीपीएम नेता काफी देर तक राज्यपाल की गाड़ी के पीछे दौड़ते रहे। दौड़ते हुए उन्होंने कहा कि सर, कृपया एक बार सुनें उन्होंने राज्यपाल का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की। लेकिन फिर राज्यपाल का काफिला आगे बढ़ गया। इसके बाद सीपीएम जिला कमेटी सदस्य शुभ्रा ने पुलिस के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने हमारी बात सुनने की कोशिश की। मैं उनसे बात कर रहा था लेकिन प्रशासन ने हमें रोक दिया।