तीसरी बार झारखंड की कमान संभालेंगे हेमंत सोरेन,7 जुलाई को ले सकते हैं शपथ

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रांची : झारखंड में सियासी हलचले तेज हो चुकी है. आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए और इंडिया एलायंस आमने-सामने आ चुकी है. वहीं, इस बीच प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करीब 5 महीने बाद जेल से बाहर निकले. बता दें कि 31 जनवरी को हेमंत सोरेन को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी से पहले सोरेन ने राज्यपाल को जाकर अपना इस्तीफा सौंप दिया था. सोरेन की गिरफ्तारी के बाद चंपई सोरेन को सूबे का नया मुख्यमंत्री बनाया गया था. वहीं, 28 जून को हेमंत सोरेन जेल से बाहर निकले. हेमंत के जेल से बाहर आने के बाद ही यह कयास तेज हो गए थे कि वह वापस से सीएम पद की कमान संभाल सकते हैं. वहीं, इन सबके बीच मुख्यमंत्री पद पर करीब 5 महीने बने रहने के बाद चंपई सोरेन ने बुधवार की शाम करीब 7.20 बजे राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को अपना इस्तीफा सौंप दिया.

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बता दें कि जेल से बाहर निकलने के बाद हेमंत सोरेन ने बुधवार को पहली औपचारिक बैठक की. इस बैठक में इंडिया एलायंस के साथ ही सभी विधायक मौजूद थे.बैठक को लेकर पहले से ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि इसके बाद कोई अहम फैसला लिया जा सकता है और एक बार फिर से हेमंत सोरेन विधानसभा चुनाव से पहले सीएम बन सकते हैं. रांची में मुख्यमंत्री आवास में हुए बैठक के बाद चंपई सोरेन ने इस्तीफा सौंप दिया है. जानकारी के अनुसार, हेमंत सोरेन 7 जुलाई को वापस से सीएम पद की शपथ ले सकते हैं. इस तरह से वह राज्य के 13वें मुख्यमंत्री होंगे, जिन्होंने सीएम पद की शपथ ली. हेमंत सोरेन की बात करें तो उन्हें 8.86 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर ईडी ने गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी से पहले ईडी ने सोरेन से करीब 8 घंटे तक पूछताछ की थी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था. ईडी ने हेमंत सोरेन को पूछताछ के लिए 10 बार समन भेजा था, जिसमें से 2 समन का उन्होंने जवाब दिया था.