सुनीता विलियम्स कल तीसरी बार भरेंगी अंतरिक्ष के लिए उड़ान

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नई दिल्ली: भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री कैप्टन सुनीता विलियम तीसरी बार अंतरिक्ष में उड़ान भरने के लिए तैयार हैं.इस बार वो एक नए अंतरिक्ष यान,बोइंग स्टारलाइनर पर सवार होकर अंतरिक्ष में जाएंगी.वो सात मई की सुबह अमेरिका के कैनेडी स्पेस सेंटर से उड़ान भरेंगी. यह उड़ान भारतीय समयानुसार सुबह साढे आठ बजे के करीब होगी. अंतरिक्ष में समोसा खाना पसंद करने वाली विलियम्स कहती हैं कि वो थोड़ी घबराई हुई हैं, लेकिन नए अंतरिक्ष यान में उड़ान भरने को लेकर उन्हें कोई घबराहट नहीं है.  लॉन्च पैड पर प्रशिक्षण के दौरान विलियम्स ने कहा,”जब मैं अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचूंगी, तो यह घर वापसी जैसा होगा.” डॉक्टर दीपक पंड्या और बोनी पंड्या के घर पैदा हुईं 59 साल की विलियम्स नए अंतरिक्ष यान के पहले मिशन पर उड़ान भरने वाली पहली महिला बनकर इतिहास रचेंगी. विलियम्स नौसेना पायलट हैं. इससे पहले वो 2006 और 2012 में अंतरिक्ष में उड़ान भर चुकी हैं. नासा के आंकड़ों के मुताबिक सुनीता ने अंतरिक्ष में कुल 322 दिन बिताए हैं.

 

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एक समय एक महिला अंतरिक्ष यात्री के रूप में सबसे अधिक स्पेसवॉक का रिकॉर्ड उनके नाम था. उन्होंने सात स्पेसवॉक में 50 घंटे और 40 मिनट का समय बिताया था.उनके इस रिकॉर्ड को पेगी व्हिटसन ने 10 स्पेसवॉक के साथ पीछे छोड़ दिया. सुनीता विलियम्स के पिता एक न्यूरोएनाटोमिस्ट थे. उनका  जन्म गुजरात के मेहसाणा जिले के झूलासन में हुआ था, लेकिन बाद में वे अमेरिका चले गए. वहां उन्होंने एक स्लोवेनियाई महिला बोनी पंड्या से शादी कर ली. नासा के मुताबिक सुनीता इस समय बोइंग के स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान पर क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन की पायलट बनने की तैयारी कर रही हैं.यह इस वाहन के लिए पहली क्रू उड़ान है.अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर उसका तीसरा मिशन है.उन्हें 1998 में एक अंतरिक्ष यात्री बनने के लिए चुना गया था. साल 2015 में स्पेस शटल के सेवानिवृत्त होने के बाद, उन्हें अंतरिक्ष यात्रियों के चुनिंदा समूह का हिस्सा बनने के लिए चुना गया था जो नासा के वाणिज्यिक चालक दल कार्यक्रम पर उड़ान भरेंगे.