झारखंड विधानसभा का धूमधाम से मना स्थापना दिवस

जनता की आवाज बनें विधायकः राज्यपाल

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-माले विधायक विनोद सिंह उत्कृष्ट विधायक के सम्मान से नवाजे गये
-विधानसभा के 5 कर्मियों को उत्कृष्ट विधान-कर्मी का सम्मान मिला
-शहीदों के परिजनों, खिलाड़ियों और टॉपर छात्र-छात्राओं को भी सम्मान

रांची: झारखंड विधानसभा का 22वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। विधानसभा में आयोजित समारोह में बगोदर से भाकपा माले के विधायक विनोद सिंह को इस साल के उत्कृष्ट विधायक का सम्मान मिला।

विधानसभा के 5 कर्मियों को भी उत्कृष्ट विधानकर्मी के सम्मान से नवाजा गया। देश की रक्षा में शहीद हुए सेना और पुलिस के 8 जवानों के परिजनों को भी सम्मानित किया गया।

5 जवानों को वीरता और शौर्य के लिए सम्मान मिला। वहीं 8 महिला खिलाड़ियों और मैट्रिक-इंटर के टॉपर 9 छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन राज्यपाल रमेश बैस ने किया, जबकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे।
अपने संबोधन में राज्यपाल रमेश बैस ने कहा कि देश के 28वें राज्य के रूप में झारखंड का निर्माण हुआ।

इसके लिए उन्होंने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के प्रति कृतज्ञता प्रकट की। कहा कि आज आत्मचिंतन करने का भी दिन है। लोकतंत्र के इस मंदिर में जनआकांक्षाओं को पूरा करने में हम कहां तक पहुंचे और अभी और कहां तक पहुंचना है, इसका आत्मचिंतन हमें करना होगा।

राज्यपाल ने कहा कि जनता जनप्रतिनिधियों को बड़े उम्मीद से चुनती है। इसलिए विधायकों को मर्यादित आचरण करना चाहिए और सदन में जनता की आवाज बनना चाहिए।

वे जनहित के विषयों को गरिमा के साथ सदन में उठाएं, ताकि आपके क्षेत्र की जनता को आप पर गर्व हो और कहे कि हमारा विधायक सर्वश्रेष्ठ है।

साथ ही सदन में कानून बनाते वक्त उसपर व्यापक चर्चा कराने का भी उन्होंने सुझाव दिया। उत्कृष्ट विधायक विनोद सिंह को बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि विनोद सिंह की जब कार चोरी हो गयी थी, तब वहां की जनता ने उन्हें चंदा कर कार खरीदकर दी थी। ये जनता का उनके प्रति स्नेह दिखाता है।

विधायिका और कार्यपालिका को मिलकर देना होगा राज्य को दिशाः हेमंत सोरेन

वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि एकीकृत बिहार में अनेकों मंत्री-विधायक थे, लेकिन पटना से दूर होने के कारण झारखंड के क्षेत्र में कई तरह की समस्याएं होती थी।

आदिवासी, दलित लंबे समय तक शोषण का शिकार होते रहे। हमारे वीर शहीदों ने पहले देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी। देश आजाद होने के बाद आदिवासियों-दलितों के हक के लिए संघर्ष किया।

लंबे संघर्ष के बाद दिशोम गुरु शिबू सोरेन के नेतृत्व में हमें झारखंड मिला। यहां विधानसभा बनी. विधायिका और कार्यपालिका ने मिलकर राज्य को दिशा देने का काम किया।

ग्रामीण क्षेत्र की 80 फीसदी आदिवासी को विभिन्न चुनौतियों से बाहर निकालने की जिम्मेदारी कार्यपालिका और विधायिका दोनों की है।

हेमंत के नेतृत्व में हम झारखंड गठन के उद्देश्य के करीब पहुंच रहेः स्पीकर

जबकि विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने कहा कि यह राज्य युवा अवस्था में पहुंच चुका है। आज झारखंड के आंदोलनकारियों के त्याग और बलिदान को याद करने और राज्य ने क्या खोया क्या पाया इसकी समीक्षा करने का दिन है।

कहा कि सीएम हेमंत सोरेन के नेतृत्व में हम राज्य गठन के उद्देश्यों के करीब पहुंच रहे हैं। योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंच रहा है।

सरकार आम लोगों को केंद्र में रखकर योजनाएं तैयार कर रही है। स्पीकर ने उत्कृष्ट विधायक विनोद सिंह, उत्कृष्ट विधानसभा कर्मियों, खिलाड़ियों और टॉपर छात्र-छात्राओं को बधाई दी।

लोकतांत्रिक संस्थाओं को और मजबूत करने की जरूरतः विनोद सिंह

उत्कृष्ट विधायक सम्मान से सम्मानित विधायक विनोद सिंह ने कहा कि उनका यह सम्मान बगोदर और राज्य की जनता को समर्पित है। कहा कि राज्य गठन के 22 वर्ष बीत गए, लेकिन अभी भी हमें बहुत कुछ करना है।

जल, जंगल जमीन से जुड़ी समस्याएं आज भी हैं। हमें लोकतांत्रिक संस्थाओं को और मजबूत करने की आवश्यकता है। सदन में उठाये गए सवालों के आश्वासन पर सरकार गंभीर हो।

विधायी प्रक्रिया और पारदर्शी हों। उन्होंने धनबाद के बाघमारा में कोयला चोरी में चार लोगों की मौत की जांच की मांग की और अपने पिता स्वर्गीय महेंद्र सिंह को याद करते हुए कहा कि किताबों से उनका नाता था।

वे विधानसभा से सम्मान के रूप में मिली राशि को पुस्तक खरीदने के लिए अपने विधानसभा क्षेत्र बगोदर के कॉलेजों को देंगे।

संसदीय दायित्व के तीन वर्ष का लोकार्पण

स्पीकर रवींद्रनाथ महतो द्वारा रचित पुस्तक ‘संसदीय दायित्व के तीन वर्ष’ का लोकार्पण भी समारोह में किया गया। विधानसभा की त्रैमासिक पत्रिका उड़ान का भी विमोचन हुआ।

राज्यपाल का अभिभाषण पुस्तक और वित्त मंत्री के बजट भाषण पुस्तक का भी विमोचन किया गया। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने अपनी पुस्तक विचारों के 11 अध्याय से प्राप्त 27,900 रुपये की रॉयल्टी मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की घोषणा की।