दलित, वंचित और पिछड़ों को न्याय दिलाना न्याय व्यवस्था का पहला कर्तव्य : मित्तल

राजस्थान विधिक सेवा प्राधिकरण का बेहतरीन कार्य

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जयपुरः राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्तल ने दलित, वंचित और पिछड़ों को न्याय दिलाना हमारी न्याय व्यवस्था का पहला कर्तव्य बताया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान विधिक सेवा प्राधिकरण इस मामले में बेहतरीन कार्य कर रहा है।

न्यायमूर्ति मित्तल अस्पृश्यता से मुक्ति और अत्याचारों की रोकथाम एवं पॉक्सो अधिनियम के तहत अपराध के शिकार बच्चों को कानूनी सहायता अभियान की शुरूआत एवं इस मौके आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे।

उन्होंने कहा दलित वंचित और पिछड़ों को न्याय दिलाना ही हमारी न्याय व्यवस्था का पहला कर्तव्य है और प्राधिकरण इस मामले में बेहतरीन कार्य कर रहा है। आज इस मौक़े पर तीन पोस्टर्स का भी विमोचन किया गया, बच्चों के प्रति अत्याचार और उनके क़ानूनी अधिकार और दलित और वंचित और एससी एस टी वर्ग को न्याय त्वरित मिल सके इसके लिए भी विधिक सेवा प्राधिकरण इस मामले में बेहतरीन कार्य कर रहा है।

उन्होंने कहा कि न्याय आम जनता के लिए उनके दरवाज़े तक पहुँचे, यही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है।

इससे पहले उन्होंने राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवसीय पर प्राधिकरण की ओर से आयोजित अस्पृश्यता से मुक्ति और अत्याचारों की रोकथाम एवं पॉक्सो अधिनियम के तहत अपराध के शिकार बच्चों को कानूनी सहायता अभियान की शुरूआत की।

इस मौके पर राजस्थान राज्य विधिक सेवा समिति के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस पंकज भंडारी सहित मेडिएशन के प्रभारी जस्टिस प्रकाश गुप्ता एवं राजस्थान विधिक सेवा प्राधिकरण सहित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी, कर्मचारी तथा अन्य कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

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